श्री लड्डू गोपाल जी की आरती
लड्डू गोपाल जी की आरती करना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति लाने का एक सुंदर माध्यम भी माना जाता है। जब सुबह या शाम श्रद्धा के साथ कान्हा जी की आरती की जाती है, तो पूरे घर का वातावरण भक्तिमय और शांत हो जाता है। दीपक की पवित्र रोशनी, घंटी की मधुर ध्वनि और भगवान श्रीकृष्ण के भजनों से मन को सुकून मिलता है तथा नकारात्मक विचार धीरे-धीरे दूर होने लगते हैं। नियमित आरती करने से परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम, अपनापन और खुशी का वातावरण बना रहता है।
मान्यता है कि जहाँ लड्डू गोपाल जी की सेवा, भोग और आरती प्रेमपूर्वक की जाती है, वहाँ भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा बनी रहती है। आरती के दौरान उत्पन्न सकारात्मक कंपन घर में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। इससे तनाव कम होता है और मन में विश्वास एवं संतोष की भावना बढ़ती है। यही कारण है कि कई भक्त अपने दिन की शुरुआत और अंत लड्डू गोपाल जी की आरती के साथ करते हैं, ताकि घर में हमेशा आनंद, शांति और दिव्य आशीर्वाद बना रहे।
श्री लड्डू गोपाल जी की आरती
आरती श्री गोपाल जी की कीजे।
अपना जन्म सफल कर लीजे ।।
श्री यशोदा का परम दुलारा।
बाबा की अखियन का तारा ।।
गोपियन के प्राणों का प्यारा।
इन पर प्राण न्योछावर कीजे ।।
।। आरती ।।
बलदाऊ के छोटो भैय्या ।
कान्हा कहि कहि बोलत मैय्या ।।
परम मुदित मन लेत बलैय्या।
यह छबि नैनन में भरि लीजे।।
।। आरती ।।
श्री राधावर सुघर कन्हैय्या ।
ब्रज जन का नवनीत खवैय्या ।।
देखत ही मन नयन चुरैय्या।
अपना सर्वश्व इनको दीजे ।।
।। आरती ।।
तोतर बोलनि मधुर सुहावे ।
सखन मधुर खेलत सुख पावे ।।
सोई सुकृति जो इनको ध्याये।
अब इनको अपनो करि लीजे ।।
।। आरती ।।

